आपके अनुसार - जब सत्ता स्वार्थी और संवेदनहीन हो जाती है, तो उसका क्रूर और अमानवीय चेहरा मासूम नागरिकों को डराता और कुचलता है—जो केवल कुछ चालाक धूर्तों को ही रास आता है। बेहद आक्रोशित उद्गार आपके। परंतु मेरे अनुसार यह सिक्के का एक पहलू है। सादर। ----- नमस्ते, आपकी लिखी रचना मंगलवार १३ अक्टूबर २०२६ के लिए साझा की गयी है पांच लिंकों का आनंद पर... आप भी सादर आमंत्रित हैं। सादर धन्यवाद।
आपके अनुसार -
जवाब देंहटाएंजब सत्ता स्वार्थी और संवेदनहीन हो जाती है, तो उसका क्रूर और अमानवीय चेहरा मासूम नागरिकों को डराता और कुचलता है—जो केवल कुछ चालाक धूर्तों को ही रास आता है।
बेहद आक्रोशित उद्गार आपके।
परंतु मेरे अनुसार यह सिक्के का एक पहलू है।
सादर।
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नमस्ते,
आपकी लिखी रचना मंगलवार १३ अक्टूबर २०२६ के लिए साझा की गयी है
पांच लिंकों का आनंद पर...
आप भी सादर आमंत्रित हैं।
सादर
धन्यवाद।