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शनिवार, 22 जुलाई 2023

मोर और साँप

 मोर तुम सुंदर हो,

मनमोहक हो,

मृदुल कंठ निराला शबाब है, 

तुम्हारा नृत्य तो लाजवाब है,

तुम साँप खाते हो... 

फिर भी ज़हरीले नहीं!

बोलो कोई जवाब है?

©रवीन्द्र सिंह यादव





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