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मछली और पानी

ज़िंदा मछली धारा के विरुद्ध ही तो तैरती है  जूझती है लहरों से, तब जाकर साँस लेती है कहावतों-मुहावरों में समाहित हुई है मछली  कविता-कहानी,ग्रं...