भूतल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
भूतल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

सोमवार, 22 जून 2026

सीढ़ी जो उदास थी...


                             चित्र साभार : गूगल 

बुज़ुर्ग सीढ़ी क्या कहे अपनी दास्तान 

रोती है ज़ार-ज़ार हो जब सूना मकान

बेफ़िक्र उत्सुक हो चढ़ जाते हैं सीढ़ी 

भूतल को सँभलकर उतरते हैं सीढ़ी 


ममता, प्रेम, घृणा, आकांक्षा 

सब चढ़े-उतरे हैं सीढ़ी से 

निर्माता के उर में उतर गयी है 

भव्य नियोजित सीढ़ी-दर-सीढ़ी 


इस सीढ़ी का वैभवपूर्ण इतिहास 

लिखेगा कोई धीर शोधार्थी 

आधुनिकता के अंधड़ में सूनी हुई तो क्या 

सीढ़ी संग जीने वाले थे रसिक संगी-साथी.

©रवीन्द्र सिंह यादव

#सीढ़ी 

#stairs 

#past 

#history 

#life

#poetrywriting

विशिष्ट पोस्ट

वह जेन ज़ी नहीं जेन अल्फा भारत की बेटी...

  आक्रोश आवेश में थी वह भारत की बेटी  देखकर पुलिस की क्रूर बर्बरता  निहत्थे अहिंसक आंदोलनकारियों /महिलाओं पर  पंद्रह वर्ष आयु पाने से नौ दिव...