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मंगलवार, 13 दिसंबर 2022

लोकतंत्र

आज गनपत शहर आया 

अध्ययनरत बेटे के लिए 

घी, लड्डू, साग लाया 

हफ़्ता बीते मतदान किया था 

चुनावी-स्याही का निशान 

बायें हाथ की तर्जनी पर मौजूद है

बेटे ने टीवी पर समाचार चैनल लगाया 

शपथ-ग्रहण कार्यक्रम का 

सीधा प्रसारण...

सफ़ेदपोश नेतागण

फूल मालाओं के अंबार    

भव्यता की अनावश्यक चमक-दमक 

शाही भोज के सरकारी इंतज़ाम

सख़्त सुरक्षा-व्यवस्था  

एंकर-एंकरनियों, संवाददाताओं का 

अतिशय जोश देखकर 

गनपत अपनी तर्जनी पर लगा 

नीला निशान निहारने लगा

लोकतंत्र की 

बदलती परिभाषा समझने लगा। 

© रवीन्द्र सिंह यादव  

  

बुधवार, 3 मार्च 2021

फिर जंगली हुआ जाय?

जंगली जीवन से उकताकर 

समाज का सृजन किया 

समाज में स्वेच्छाचारी स्वभाव के 

नियंत्रण का विचार और इच्छाशक्ति 

सामाजिक नियमावली लाई 

नैतिकता की समझ भी आई 

सामाजिक मूल्यों की सुधि आई 

ज्ञान,न्याय,समता,विकास,स्वतंत्रता 

और दंड पर बहस हुई

क़ानून का प्रावधान स्वीकार हुआ 

राजा बादशाह से होते हुए 

जनसेवक का विचार लोकतंत्र लाया 

लोगों ने सोचा अब उन्हें जीना आया 

लोकतंत्र में कब तानाशाही आ गई 

आज़ादी / अभिव्यक्ति जब नियंत्रित हुई

तब होश आया 

लालच और भय की दुदुंभी की गूँज में 

चतुर-चालाक वर्ग को 

सत्ता और पूँजी के साथ खड़ा पाया

तो क्या आज़ादी के लिए 

फिर जंगली हुआ जाय?

या संयमी और समझौतावादी हुआ जाय...? 

© रवीन्द्र सिंह यादव    

 

शनिवार, 30 नवंबर 2019

बदलीं हैं ज़माने की हवाएँ





हसरत-ए-दीदार में 
सूख गया 
बेकल आँखों का पानी,
कहने लगे हैं लोग 
यह तो है 
गुज़रे ज़माने की कहानी।

मिला करते थे हम 
मेलों 
त्योहारों
उत्सवों में,
मिलने की 
फ़ुर्सत किसे अब 
नस-नस में दौड़ती है 
 नशा-ए-इंटरनेट की रवानी। 

लिखते थे ख़त में 
सहज सरल शब्द 
लिपट जाते थे उनमें 
स्पंदन भावों के बंधन,
आज उपलब्ध हुए 
साधन इतने आधुनिक 
कि डरपोक सरकार ने भी 
राज़ की बात जानी। 

लगता है 
सब फ़ासले मिट गये 
हमारे दरमियाँ 
बदलीं हैं ज़माने की हवाएँ,
लोकतंत्र है अब तो 
राजा-रानी की 
हो गयी कहानी पुरानी।  
© रवीन्द्र सिंह यादव
   

शुक्रवार, 25 जनवरी 2019

उल्टे-सीधे वर्ण पिरामिड


ईवीएम का द्वंद्व 
दल दलदल 
 भोली जनता 
 लोकतंत्र 
चुनाव 
छल 
है? 

है 
दावा  
अपना  
धर्म जाति 
साम्प्रदायिक 
बाण-तूणीर
छलनी  करेंगे 
मतदाता का मान। 
© रवीन्द्र सिंह यादव 

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