लौटा रही है
आदिम-युग की ओर
आधुनिकता और भौतिकवाद से उत्पन्न
सामाजिक जटिलता
प्रकृति-संसर्ग से विमुख मानव समाज
हिंस्रता, बर्बरता, जंगलीपन को
दे रहा सरलता
एक हत्यारे से पूछा-
"अपनी औलाद को क्या बनाओगे?"
जवाब मिला-
"अच्छा पढ़ा-लिखा सफल-सभ्य इंसान।"
©रवीन्द्र सिंह यादव
