महिलाओं के
प्रवेश के बाद
मन्दिर का
शुद्धिकरण !
समानता के
अधिकार से
ऊपर झूलता है
आस्था का
अँधानुकरण !!
भावनात्मक
तनाव-दोहन
कामयाबी का
सपाट शार्ट-कट!
है आसान
अज्ञानियों पर
रौब-शासन
भव्यता की आड़ में
ख़ज़ाना सफ़ा-चट!!
आस्था की जलावन
भावना के अलाव में
सरकायी हर बार!
रूढ़ियों / वर्जनाओं के
रूढ़ियों / वर्जनाओं के
तोड़कर बैरियर
बदलती सोच
अभिमान से
पहुँची उस पार!!
© रवीन्द्र सिंह यादव