राहत की बात
हवा हुई,
मुश्किल एक से
सवा हुई।
कमाई नौ दो ग्यारह
हो चली,
हथेली तप-तप कर
तवा हुई।
मुश्किल एक से
सवा हुई।
भूख से ३६
अब ६३ हुए,
गेंहूँ की मिगी
मैदा - रवा हुई ।
मुश्किल एक से
सवा हुई।
चार बाटी दबाईं
अलसाई आँच में,
अंगीठी भड़ककर
अवा हुई।
मुश्किल एक से
सवा हुई।
आये हैं अमीर-फ़क़ीर
हालात बदलने,
ख़ुशी केवल इनकी
हमनवा हुई।
मुश्किल एक से
सवा हुई।
लाख टके की बात
दो टके की न करो,
ज़हर की गोली
कब दवा हुई?
मुश्किल एक से
सवा हुई।
@ रवीन्द्र सिंह यादव