बदली लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
बदली लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

रविवार, 11 जुलाई 2021

ऑक्सीजन और दीया

उमसभरी दोपहरी गुज़री 

शाम ढलते-ढलते 

हवा की तासीर बदली 

ज्यों आसपास बरसी हो बदली

ध्यान पर बैठने का नियत समय 

बिजली गुल हुई आज असमय 

मिट्टी का दीया 

सरसों का तेल 

रुई की बाती

माचिस की तीली

उत्सुक मुनिया के नन्हे हाथ  

सबने मिलकर जलाई ज्योति पीली 

सरसराती शीतल पवन बही 

दीये की लौ फरफराती रही 

हवा से जूझती रही लौ 

दिल की धड़कन हुई सौ 

ध्यान लौ पर हुआ केन्द्रित 

आई माटी की गंध सुगंधित 

दीया ढक दिया काँच के गिलास से 

दीया जलता रहा हुलास से

अनुकूल समय बीत रहा था 

दीये का दम घुट रहा था 

अचानक घुप्प अँधेरा 

मैंने मुनिया को टेरा 

मोबाइल-टॉर्च जली तो देखा 

दीये में तेल भी बाती भी...भाल पर संशय की रेखा 

निष्कर्ष के साथ मुनिया बोली-

"ऑक्सीजन ख़त्म होने से बुझ गया है चराग़।" 

मेरे ह्रदय ने सुना विज्ञान का नीरस राग। 

©रवीन्द्र सिंह यादव 


शुक्रवार, 28 अक्टूबर 2016

नई सुबह



इठलाती  शाम  चली  है

 गुज़रने   के   लिए 

परिंदे  तैयार  हैं  फिर

 सिंदूरी धूप में निखरने के लिए ।


आदमी  लगा  है  रात-दिन

 कुछ  न  कुछ  करने  के  लिए 

नन्ही  चिड़िया  सोने चली है 

सपनों  में  बिचरने  के  लिए।



नियति-चक्र  नहीं  बना  है

पलछिन  भी  ठहरने  के लिए 

दुनिया  ने  इंतज़ाम  किए हैं

 सन्नाटा  पसरने  के  लिए।



सुमन  से  आज़ाद  है  सुगंध

हवाओं  में  बिखरने  के लिए 

हम आज  बेक़रार  हैं  क्यों

भाव  रिश्तों  का परखने  के लिए।



नई  सुबह  का  इंतज़ार  है

जब  कुछ  न  हो  अखरने  के  लिए 

प्यास  बुझ  जायेगी  अब

आई  है  बदली ज़मीं पर उतरने  के  लिए।

# रवीन्द्र  सिंह यादव

शब्दों के अर्थ / पर्यायवाची / Word Meanings

इठलाती= चंचल  अदाओं के साथ मटकती या इतराती हुई/ Flirtatiously
परिंदे   = पंछी ,पक्षी, खग / Birds
बिखरने  =  फैल  जाना , अलग-अलग हो जाना / Disperse
नन्हीं = छोटी,लघु / Small
विचरने  = घूमने-फिरने , विचरण   करने / To Walk
नियति-चक्र= प्रकृति  का चक्र , समय-चक्र ,काल-चक्र / Nature's Cycle
पलछिन =समय का बहुत छोटा हिस्सा ,पल,क्षण /  Moment
पसरने   = फैलने , विस्तार करने / To Spread
सुमन= फूल ,पुष्प / Flower
सुगंध= अच्छी  गंध ,ख़ुशबू  , मनभावन महक / Fragrance/ Flavour
बेक़रार = बेचैन, व्याकुल , तड़प से भरा हुआ / Restless
अखरने = बुरा लगने , चुभने ,कचोटने / To Pinch
बदली =  बादल  का छोटा टुकड़ा / Small Cloud/


विशिष्ट पोस्ट

जलप्रलय

जल जीवन है  और मृत्यु भी  बहार है  तो विभीषिका भी जल किलकारी है  और चीख़ भी  इंसानी दंभ को  तोड़ती सीख भी नींव, कंगूरा,  दरवाज़े,खिड़कियाँ,झरोखे...