चिड़िया और इंसान
हैं सदियों पुराने मित्र,
सभ्यता के सफ़र में
चिड़िया वही इंसान विचित्र।
छोटी-सी ज़िंदगानी में
चिड़िया अपने बच्चों को
सिखाती है ढेरों उपाय,
बाज़, उल्लू, बिल्ली, साँप-से
शिकारियों से बचाव।
दूर क्षितिज तक उड़ना
पानी-धूल में नहाना
दाना चुगना
नीड़ का निर्माण करना
फुदकना चहचहाना
साँझ-सकारे सामूहिक गान
सामूहिकता में सौहार्द सहमति
समृद्धि हेतु क़ाएम रखना।
इंसान अपने बच्चों को
जीवनभर सिखाता है
जीने की गूढ़ कला,
फिर भी अब तक
इंसानी-समाज
मन-मुआफ़िक़ क्यों नहीं ढला?
© रवीन्द्र सिंह यादव
