ज़रा-ज़रा सी बात पर
रूठना, मचलना भा गया ,
देखने चकोर चाँद को
नदी के तीर आ गया। ........ (1)
गुफ़्तुगू न सुन सके
कोई मिलन न देख ले,
दो दिलों के आसपास
बन के शामियाना कोहरा छा गया।
देखने चकोर चाँद को
नदी के तीर आ गया। ........ (2)
ये घड़ी रुकी रहे
रात जाए अब ठहर,
दीवानगी का ये ख़याल
बेताबियों को भा गया।
देखने चकोर चाँद को
नदी के तीर आ गया। ......... (3)
ज़िन्दगी की राहों में
फूल हैं तो ख़ार भी ,
पयाम एक फ़ज़ाओं का
मरहम ज़ख़्म पर लगा गया।
देखने चकोर चाँद को
नदी के तीर आ गया। ........ (4)
तमन्नाऐं बन के रौशनी
जगमगाती हैं डगर -डगर ,
बेख़ुदी के दौर में
भूली राह कोई दिखा गया।
देखने चकोर चाँद को
नदी के तीर आ गया। ........ (5)
@रवीन्द्र सिंह यादव
शब्दार्थ / WORD MEANINGS -
ज़रा = थोड़ी ,थोड़ा ,A Bit
चकोर = तीतर की भांति दिखने वाला पक्षी जो साहित्य में चन्द्रमा के प्रेमी के रूप में वर्णित है ,Alectoris chukar
तीर = किनारा ,बाण , River Bank
गुफ़्तुगू =बातचीत ,Speech ,Conversation
शामियाना = मंडप ,वितान ,छत्र , Canopy ,Awning
कोहरा = कुहासा ,Fog,Mist
घड़ी = पल , moment
दीवानगी = पागलपन , होश-ओ हवास खोना -Madness ,Insanity
ख़याल = विचार ,Thought ,Idea
बेताबियाँ = बेसब्री,बेचैनी ,Restlessness
ख़ार = काँटा , A Thorn
पयाम = संदेश , Message
फ़ज़ाओं = वातावरण ,Weather, Atmosphere
तमन्नाऐं = इच्छाएँ ,Desires
डगर = रास्ता ,Path ,Road
बे-ख़ुदी = स्वयं को भूल जाना ,Intoxication