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शनिवार, 16 मई 2026

कॉकरोच और परजीवी


जिसके मन-मस्तिष्क पटल पर,

घनीभूत घनघोर घृणा का डेरा है,

सजग नागरिक के प्रति जिसके उर में,

संवेदना और भावों का अंधेरा है,

कुंठा और खिन्नता का,

जिसमें आकंठ बसेरा है.

कैसे वह संविधान-संरक्षक होने का अधिकारी है?


हिलाकर चूलें शासन और प्रशासन की,

बहाकर ख़ून-पसीना पारदर्शिता जो लाते हैं,

उन प्रबुद्ध कर्मठ कार्यकर्ताओं को,

जो 'कॉकरोच-परजीवी' बतलाते हैं,

लोकतंत्र के सजग सक्रिय प्रहरियों को,

यह अपमान अन्याय सर्वथा भारी है!


अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता,

या हो सूचना का अधिकार,

संविधान ने हमको सौंपे,

ये पावन अनुपम उपहार।


किसी व्यक्ति विशेष की कृपा नहीं,

ये संविधान की अनुकम्पा है,

ये अधिकार किसी की जागीर नहीं,

यह तो जन-जन की कमाई है!

लोकतंत्र की इस बगिया में

सबकी साझी अरुणाई है।

©रवीन्द्र सिंह यादव 

शुक्रवार, 29 दिसंबर 2017

संविधान पर दादा और पोते के बीच संवाद


गाँव की चौपाल पर अलाव

सामयिक चर्चा का फैलाव

विषयों का तीव्र बहाव

मुद्दों पर सहमति-बिलगाव।

बुज़ुर्ग दद्दू और पोते के बीच संवाद-

दद्दू: *****मुहल्ले से

            रमुआ ***** को बुला लइओ,

            कब से नाली बंद है...

पोता:  आप मुहल्ले से पहले,

            रमुआ के बाद...

           जो शब्द जोड़कर बोल रहे हैं,

           अब ग़ैर-क़ानूनी  हैं,

           असंवैधानिक  हैं...

दद्दू: ज़्यादा पढ़-लिख लिए हो!

पोता: आपकी कृपा से।

        ( रामू (रमुआ) का आगमन )

दद्दू:  ( जातिसूचक गाली देते हुए )

          क्यों रे *****रमुआ!

          तेरी इतनी औक़ात कि अब बुलावा भेजना पड़े!

पोता: दद्दू आप क़ानून तोड़ रहे हैं...

          रमुआ की शिकायत पर,

          संविधान आप दोनों के साथ इंसाफ़ कर सकता है...

दद्दू: जीना हराम कर दिया है तेरे संविधान ने...

पोता: हाँ, आप जैसों की चिढ़ को समझा जा सकता है। समानता और बंधुत्व का विचार आत्मसात् कर लेने में बुराई क्या है। हमारा संविधान ज़बानी जमा-ख़र्च नहीं है बल्कि लचीला और लिखित है।

दद्दू: हो गया तेरा लेक्चर!

पोता: एक सवाल और...

          ( दद्दू  से दूरी बनाते हुए )
 

         गंदगी का आयोजन करनेवाला बड़ा होता है या उसे   
         साफ़  करनेवाला...?

         (रामू नाली की सफ़ाई में जुट गया और दद्दू पोते के पीछे छड़ी

         लेकर दौड़े...)

© रवीन्द्र  सिंह यादव


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