देख रहा हूँ चींटियों को
कतारबद्ध चलते हुए
कुछ जातीं चींटियाँ
कुछ आतीं चींटियाँ
सोच रहा हूँ
कितनी दिमाग़दार हैं चींटियाँ
अपनी रानी की
सेवादार / तीमारदार हैं चींटियाँ
विज्ञान-साहित्य ने
इन्हें भी नाम दिया है
रानी और मज़दूर चींटियाँ
अफ़सोस!
यहाँ भी
पूँजीवाद-सा भेदभाव!
एकता-शक्ति का
अनुपम उदाहरण हैं चींटियाँ
अंडा ले बिल से निकल पड़ें
तो कारण हैं चींटियाँ
लगतीं हैं अब तो
प्रवासी श्रमिकों-सीं चींटियाँ
किसी सियासी सरहद से
बेख़बर रहतीं हैं चींटियाँ
बड़े लक्ष्य
हौसले से हासिल करने
हाथ डालतीं हैं चींटियाँ
सतत प्रयत्नशील रहने का
सबक़ सिखातीं हैं चींटियाँ।
©रवीन्द्र सिंह यादव
कतारबद्ध चलते हुए
कुछ जातीं चींटियाँ
कुछ आतीं चींटियाँ
सोच रहा हूँ
कितनी दिमाग़दार हैं चींटियाँ
अपनी रानी की
सेवादार / तीमारदार हैं चींटियाँ
विज्ञान-साहित्य ने
इन्हें भी नाम दिया है
रानी और मज़दूर चींटियाँ
अफ़सोस!
यहाँ भी
पूँजीवाद-सा भेदभाव!
एकता-शक्ति का
अनुपम उदाहरण हैं चींटियाँ
अंडा ले बिल से निकल पड़ें
तो कारण हैं चींटियाँ
लगतीं हैं अब तो
प्रवासी श्रमिकों-सीं चींटियाँ
किसी सियासी सरहद से
बेख़बर रहतीं हैं चींटियाँ
बड़े लक्ष्य
हौसले से हासिल करने
हाथ डालतीं हैं चींटियाँ
सतत प्रयत्नशील रहने का
सबक़ सिखातीं हैं चींटियाँ।
©रवीन्द्र सिंह यादव