तूलिका लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
तूलिका लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, 6 मई 2020

चित्रकार

रंग 

तूलिका 

कैनवास 

उँगलियाँ 

कोई कलाकृति उकेरने में अक्षम हैं 

चित्रकार का चित्त-चितवन 

सचाई तलाशने 

आदर्श-लोक के सफ़र पर हैं 

जहाँ बदलाव और विद्रोह की तड़प

ज़ख़्मी होकर सो गई है। 

© रवीन्द्र सिंह यादव      
  

विशिष्ट पोस्ट

जलप्रलय

जल जीवन है  और मृत्यु भी  बहार है  तो विभीषिका भी जल किलकारी है  और चीख़ भी  इंसानी दंभ को  तोड़ती सीख भी नींव, कंगूरा,  दरवाज़े,खिड़कियाँ,झरोखे...