उसने बोला
एक शब्द-युग्म
और लग गये
होम वर्क पर हम
उसके संगी-साथियों ने
सफ़ेद झूठ-सी सफ़ाई दी
ढिंढोरची करने लगे मुनादी।
उत्साही शोधकर्त्ता
पौराणिक ऐतिहासिक संदर्भ खोज लाये
सामाजिक जवाबदेह व्यक्ति
पिता-सा न ढूँढ़ पाये
जो सिखाता रहा
कौन कौआ,
कौन कोयल हर बार
शब्द ऊर्जा रूप बदलती
रहती संरक्षित संसार।
©रवीन्द्र सिंह यादव

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