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शनिवार, 2 दिसंबर 2023

अँधेरा-उजाला और भूख

चित्र:महेन्द्र सिंह 

रात का काजल कितना काला 

भोर प्रतीक्षा-सा हुआ निवाला  

देती चिड़िया चूजों को आश्वासन

सूरज निकले तब मिलेगा राशन

अनमनी रवीनाएँ ले-ले जम्हाई

बिखरा देंगीं धूप जो है अलसाई

भूख से लड़ने भरेंगे पंख उड़ान

किसके माफिक हुआ है जहान?

©रवीन्द्र सिंह यादव 


शब्दार्थ:

1. निवाला (हिंदी) = कौर,गस्सा,ग्रास 

2. राशन / RATION (English) = खाद्यान्न आदि का निश्चित व नियंत्रित मात्रा में वितरण,रसद (अरबी,फ़ारसी)

3. अनमनी (हिंदी) = बेमन से, अप्रसन्न

4.रवीनाएँ = सूरज की किरणें,रश्मियाँ 

5.जम्हाई (हिंदी)  = उबासी, जागते समय मुँह के खुलने की स्वाभाविक प्रक्रिया,जँभाई (देशज), उच्छ्वास (संस्कृत) 

6. अलसाई (हिंदी) = आलसयुक्त,आलस से भरी, सुस्त

7.माफिक (संस्कृत) = अनुकूल,अनुसार, मुवाफ़िक़ (अरबी) 

8.जहान/जहाँ (फ़ारसी) = संसार,दुनिया,लोक,जगत्


     

मंगलवार, 31 जनवरी 2017

ओस और मुनिया



जब

वातावरण में

समाहित  वाष्प  को

सिकोड़   देती  है  सतह  की  ठंडक,

तब

शबनम के दाने / ओस के मोती,

फूल-पत्तियों      पर      आसन     जमाते    हैं,

हमारे  मरने-मिटने  के  भय  को  लजाते   हैं।


मुनिया    समझदार    हुई,

पाँच    बसंत     पार    हुई,

बोली  एक   इतवार  को-

"पार्क  में  मैं  भी  चलूँगी,

कुलाँचें   मैं  भी  भरूँगी...!"


सवालों-जवाबों  के  बीच  पहुँचे  पार्क,

चमका   रही    थीं  ओस-कणों   को,

भोर      की     मनहर      रवीना,

ये  क़ुदरत  के आँसू   हैं  या  पसीना...?

कवितामयी / छोटे  मुँह   बड़ी  बात...!

सीधा  मन-मस्तिष्क  पर लुभावना आघात।


मैंने   कहा-

यह   ओस   है,

उसने कहा-

"ENGLISH  में   बताओ"

"DEW...!" -जवाब  मैंने  दिया,

इसे  तो  मेरे  टीचर  ने  वीडियो  में  दिखाया  था...

सुनकर  मेरे  सपनों  पर  ओस  पड़   गयी!

घर  आते-आते   सारी   ओस  झड़  गयी!!

©रवीन्द्र  सिंह यादव









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