राजधानी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
राजधानी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गुरुवार, 17 जनवरी 2019

सड़क पर प्रसव


वक़्त का विप्लव 

सड़क पर प्रसव 

राजधानी में 

पथरीला ज़मीर 

कराहती बेघर नारी 

झेलती जनवरी की 

सर्दी और प्रसव-पीर 

प्रसवोपरांत 

जच्चा-बच्चा 

अट्ठारह घंटे तड़पे 

शहरी सड़क पर 

ज़माने से लड़ने 

पहुँचाए गए 

अस्पताल के बिस्तर पर

चिड़िया चहचहायी होगी 

विकट विपदा देखकर 

गाड़ियाँ और लोग

निकले होंगे मुँह फेरकर 

हालात प्रतिकूल 

फिर भी टूटीं नहीं 

लड़खड़ातीं साँसें

करतीं रहीं 

वक़्त से दो-दो हाथ  

जिजीविषा की फाँसें   

जब एनजीओ उठाते हैं 

दीनहीन दारुण दशा का भार 

तब बनता है 

एक सनसनीखेज़ समाचार।  

© रवीन्द्र सिंह यादव 

विशिष्ट पोस्ट

जलप्रलय

जल जीवन है  और मृत्यु भी  बहार है  तो विभीषिका भी जल किलकारी है  और चीख़ भी  इंसानी दंभ को  तोड़ती सीख भी नींव, कंगूरा,  दरवाज़े,खिड़कियाँ,झरोखे...