1.
जलती बस्ती~
खड़ा है लावारिस
संतरा-ठेला।
2.
दंगे में तख़्ती~
एक सौ पचास है
दूध का भाव।
3.
संध्या की लाली~
क्षत-विक्षत लाश
चौपाल पर।
4.
अर्द्ध-यामिनी~
जलते घरोंदों में
इंसानी शव।
5.
भोर की लाली~
गली में ईंट-रोड़े
भीड़ के हाथ।
भीड़ के हाथ।
© रवीन्द्र सिंह यादव