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गुरुवार, 27 फ़रवरी 2020

हाइकु

 1. 
जलती बस्ती~ 
खड़ा है लावारिस 
संतरा-ठेला। 

2. 
दंगे में तख़्ती~ 
एक सौ पचास है 
दूध का भाव। 

3. 
संध्या की लाली~
क्षत-विक्षत लाश 
चौपाल पर। 

4. 
अर्द्ध-यामिनी~ 
जलते घरोंदों में 
इंसानी शव। 

5. 
भोर की लाली~ 
गली में ईंट-रोड़े  
भीड़ के हाथ।  
 
© रवीन्द्र सिंह यादव 

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जलप्रलय

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