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गुरुवार, 27 अगस्त 2026

जलप्रलय

जल जीवन है 
और मृत्यु भी 
बहार है 
तो विभीषिका भी

जल किलकारी है 
और चीख़ भी 
इंसानी दंभ को 
तोड़ती सीख भी

नींव, कंगूरा, 
दरवाज़े,खिड़कियाँ,झरोखे 
बह गये सब सपने 
उम्मीदें और भरोसे 

तोड़ता सीमाएँ 
सृष्टि का विकराल रूप  
आँचल माटी का 
धरता कैसे-कैसे रूप 

अल्ट्रा मॉडर्न तकनीक 
दृश्य क़ैद करती रही 
जलप्लावन की विकरालता में 
चीख़-पुकार दबती रही 

पुनः सजेंगे सँवरेंगे 
जिजीविषा के क्षितिज 
रोपे जाते रहेंगे  
इंद्रधनुषी आशाओं भरे बीज।    
©रवीन्द्र सिंह यादव

बुधवार, 22 अप्रैल 2020

मृत्यु

महाभारत में 

युधिष्ठिर से यक्ष-प्रश्न-

"संसार में सबसे बड़े आश्चर्य की बात क्या है?"

"मृत्यु"

"रोज़ दूसरों को मरता हुआ देखकर भी  

ख़ुद की अमरता के सपने देखता है मानव।"

युधिष्ठिर ने विनम्रतापूर्वक उत्तर दिया। 

अकाट्य सत्य है मृत्यु 

जिसे देर-सबेर आना ही है 

मृत्यु का डर

समाया है रोम-रोम में 

फिर भी निर्विकार 

दौड़ रहा होता है 

भय को परास्त करने के वास्ते 

सत-चित-आनंद के 

दुर्गम हैं रास्ते

हर पल अकेले ही 

लड़ी जाती है जंग 

पास आती मृत्यु से

करोना वायरस लील गया है

दुनियाभर में  

1,76,860 जानें अब तक

यह भयानक आँकड़ा 

बढ़ता रहेगा कब तक? 

© रवीन्द्र सिंह यादव

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